का-बिल भरपूर – काला

बाहर के लोगो को कैसे अंदर का काला मूंह दिख जाता है


कालक पोतने को नज़र लग ही जाती है न


तुम-तुम लोग a-li_n होते है दामाद की दुनिया के अदर


भरपूर मूह दिखने से सास का दामाद काबिल भरपूर रहता है

no 1

भरपूर को भरपूर पेरो पे खड़े जो के दुनिया के भरपूरो के साथ रहना है
(no no i am no 1)

भरपूर पढ़ाई करनी है

यह तो बतियायो की दुनिया के पैर कहा है

बीमा()त्रियों के साथ भरपूर gut की ज़मीन पर तो खड़ा ही नही हो सकता

समय को नही मिलता भरपूर दूर से ही नज़र नही आता

_h@ un-i-t-y a damad’ _ation _ill _av

_ere e-very1 is co_pet-ing to

be #1