y in()id u re_ember भरपूर d()eams in _leep_ep_ember
un_no_n se_ate _lum_er for each on
_elect भरपूर fate _art of
भरपूर ‘s ate _umber
y in()id u re_ember भरपूर d()eams in _leep_ep_ember
un_no_n se_ate _lum_er for each on
_elect भरपूर fate _art of
भरपूर ‘s ate _umber
भरपूर के लिए भरपूर मर मर बाहर दौड़ता है
और अंदर के ख़ाली बच्चे के लिए खुद
एक सास को अदर नही बिठाता
भरपूर fin_er भरपूर kee_er
_ill _eep on _eeking
भरपूर bee_er
_in_ing err’ y in()id u _ide_
_a_ance is un_no()n k()y
ख़ाली gut()माँ की इज़्ज़त नहीं नरते
और भरपूर मा-बा भरने का ख्वाब बुनते
है के बचो को भी भरपूर भीखाते
बही-खाते भरपूर दिखाते
gut गोदी को तंग करने की सजा तो
सिलती ही नहीं भरपूर को
अब इसके लिए भी भरपूर
भोचना पड़ेगा
on wor_d
y f()ee _ill ch()ice
is
_ol on in()id
_rior-i-ty
an a-lon u is nothing
4 ()ver-y1 in()id is nothing
is th@ _hich is past po()ible no
that is y no on _an
_et an- -thing
bec_me i do
अब एह भी ले लो
जुबान का भरपूर निवाले को गिरने ही नही देता अदर
आयने के भरपूर तलो ने जकड के रखा है
किसको
बाहर के लोगो को कैसे अंदर का काला मूंह दिख जाता है
कालक पोतने को नज़र लग ही जाती है न
तुम-तुम लोग a-li_n होते है दामाद की दुनिया के अदर
भरपूर मूह दिखने से सास का दामाद काबिल भरपूर रहता है
भरपूर को भरपूर पेरो पे खड़े जो के दुनिया के भरपूरो के साथ रहना है
(no no i am no 1)
भरपूर पढ़ाई करनी है
यह तो बतियायो की दुनिया के पैर कहा है
बीमा()त्रियों के साथ भरपूर gut की ज़मीन पर तो खड़ा ही नही हो सकता
समय को नही मिलता भरपूर दूर से ही नज़र नही आता
_h@ un-i-t-y a damad’ _ation _ill _av
_ere e-very1 is co_pet-ing to
be #1
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