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भरपूर is
1
_u-il-ty
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भरपूर is
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इतनी अंग-अंग की राजी पराजी
अगरेजी पड़ने का क्या फायदा
जब खड़े या बैठा के भरपूर
to_let ही छोरनी है
बैठ के अग-रेजी पडाईया करने की
मेहनत पूरी अदर भरपूर भकार
खड़े हो के की होती तो gut के निचे
भी थोड़ा थोड़ा गिरा गोता
अब आधा जन्म का पूरा
निचोड़ तो _urge ही है न
अदर
गोदी की स्वाह का भरपूर दाग
सास की माग का भरपूर सुहा()ाग
जन्म जन्म की आधा आग
आधा भाग आधा दाग
gut गोदी की ख़ाली कालक को भरपूर भजा
सास को न चरन मिले न अंदर की रजा
जो मुँह की मुँह में रखते है
उसे भरपूर दुनिया के असुरो का
५६ भोग का योग भरपूर भरते भा
ताकि असुर अदर भरपूर
रहे रहगुजर हमेशा
_eize भरपूर in a dae
गोदी के मरे हुए गोदी में आज़ादी
से घूमते है
और भरपूर घर को
_a-un_ed _o-us बुनते बा
bar()_oot in par_ un()not
_et y in()id u _ach se_se
to re_pect
_are(un)foot g()ass
गोदी के अंदर आधे का मुँह दिखाने
लायक नहीं छोरा भरपूर आधा ने
और तो और
बुँदियो की छुपी चुपी गोदी को ही दिखाते है
गोदी की बिल्ली की मियायों गोदी में
भरपूर कौन सा मरा है जो
दफ(ा-हो)ना(आ)या जायेगा
gut के तलो का coff-in
चिता छोटा पड़ेगा
वैसे भी ख़ाली माँ के प्यार को
तो दफना के ही सास
भरते है अंदर
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