आधे को भरपूर से सीधी all-er_y है
इसी लिए आधा पास में फाटक नहीं बनाता
_ail को तो उड़ना ही है
आधे को भरपूर से सीधी all-er_y है
इसी लिए आधा पास में फाटक नहीं बनाता
_ail को तो उड़ना ही है
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एक सास को अदर का भरपूर तजुरबा
की आखो को सामने रख के अगली
सास की तस्सली आज ही असली हो जायेगी
या फिर अगले आधा जनम की भरपूर
तस्सली भी आज ही भायेगी
सास का जीना हराम कर रखा
है किसी अदर एक ने
तो क्या भरपूर हा को आम
ने चखा है रोक के
u _no we-ill-age pe()ple
un()not _lik as mandalalit’
_alf is c_illing 1 in()id 1
s_lit for भरपूर un_it
ever–thing em_tee
y in()id u _it
a we-ill-age _ave
dual wives rea_ise one
weillage in()id one _ise
as _all as it _arms
every1 is @ it is
_ood y to go
in()id u fo
ख़ाली लसता नही स()लेगा
चब तुलो
gut गोदी के ख़ाली समय की
कक्षा में हर साँस देरी नहीं करती
बिंदी में बूँदि मईआ समाएगी
ख़ाली घर में आधे गाएगी
आधा ख़ाली जागएगी
रात-दिन शाम को बहकाएगी
आधे देवी के लिए भरपूर ख़ाली गुफा
असुरो का भरपूर वेहला-पन न
gut गोदी से दफा(नाया)
का वफ़ा
काले दरवाजो पे मरी उंगलिया भूल जाती है
तुमने देस का भेस बदल लिया
येसा देस है तेरा
६ तो होंगे ही
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