आयीया आयीया

बचपन मे हमसे छिन गई मईया

और बिठाया बीच मे भरपूर ढान ढय्या

दो इसके दो उसके आधा २ रूपयीया

पाला पोसा न अदर पला सडा सवयीया

सीधा नही निकला कुछ भी कहयीया

जायेगा कहा टेढा टुरा टारा ढय्या

खाली खाम नही अदर खाली खय्या

हम नही रिश्तो के रडे रवैय्या

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mandalalit

to be a within 0-one-0 is to breathe for gut alone total mother nature

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