आधे की ख़ाली आंखे श्राप है
अपवित्र असुर अदर के बाप है
इधर उधर के भरपूर आप है
बिन मा के बचे अदर के पाप है
आधे की ख़ाली ज़ुबान की साधना के अ()लाप है
आधे की ख़ाली आंखे श्राप है
अपवित्र असुर अदर के बाप है
इधर उधर के भरपूर आप है
बिन मा के बचे अदर के पाप है
आधे की ख़ाली ज़ुबान की साधना के अ()लाप है