एक पूरे की रौशनी भरपूर की आखे खोले देती है
भरपूर कालक बहुत ही गहरी होती है एक एक अदर
—
गोदी तो दिन मे भी सोई रहती है सूर्य की रोहिणी के
मोह की किरणे जगाती है ख़ाली धरने
एक पूरे की रौशनी भरपूर की आखे खोले देती है
भरपूर कालक बहुत ही गहरी होती है एक एक अदर
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गोदी तो दिन मे भी सोई रहती है सूर्य की रोहिणी के
मोह की किरणे जगाती है ख़ाली धरने