गोदी के दिये अन्न से फैली
अदर की बीमा(या)रियो से भरपूर
खुश नहीं है जो
थोड़ा भरपूर है भरपूर थोड़े की जरूरत है
जान के भी अन-जान की भरपूरत है
गोदी के दिये अन्न से फैली
अदर की बीमा(या)रियो से भरपूर
खुश नहीं है जो
थोड़ा भरपूर है भरपूर थोड़े की जरूरत है
जान के भी अन-जान की भरपूरत है