भरपूर को भरपूर पेरो पे खड़े जो के दुनिया के भरपूरो के साथ रहना है
(no no i am no 1)
भरपूर पढ़ाई करनी है
यह तो बतियायो की दुनिया के पैर कहा है
बीमा()त्रियों के साथ भरपूर gut की ज़मीन पर तो खड़ा ही नही हो सकता
समय को नही मिलता भरपूर दूर से ही नज़र नही आता
_h@ un-i-t-y a damad’ _ation _ill _av
_ere e-very1 is co_pet-ing to
be #1
