का-बिल भरपूर – काला

बाहर के लोगो को कैसे अंदर का काला मूंह दिख जाता है


कालक पोतने को नज़र लग ही जाती है न


तुम-तुम लोग a-li_n होते है दामाद की दुनिया के अदर


भरपूर मूह दिखने से सास का दामाद काबिल भरपूर रहता है

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mandalalit

to be a within 0-one-0 is to breathe for gut alone total mother nature

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