तकल्लुफ का असर भरपूर असुर बहेगा
भरपूर आधा जन्म में भरपूर ही रहेगा
जातो के भेद मर्द भाव पाता ही रहेगा
कल का मातम आज की गोदी भरेगा
बूंदियो ने इज़्ज़त गवाई कोई न रोया गड़ेगा
बिलखा रात का साया भी न सोया दिखेगा
आखो ने गोदी गवाया बूंद बूंद न बिखरेगा
तकल्लुफ का असर भरपूर असुर बहेगा
भरपूर आधा जन्म में भरपूर ही रहेगा
जातो के भेद मर्द भाव पाता ही रहेगा
कल का मातम आज की गोदी भरेगा
बूंदियो ने इज़्ज़त गवाई कोई न रोया गड़ेगा
बिलखा रात का साया भी न सोया दिखेगा
आखो ने गोदी गवाया बूंद बूंद न बिखरेगा