प्रतिमा और अफसर कौन से भरपूर के पास सामान भरपूर है
तभी तो इतने अफसर खो दिये एक जन्म में
भरपूर की मन जिल चा()की है
इरादो की तकरी झाकी है
मुठी भर ज़मीन ला की है
तोलना सामान क्या बाकी है
प्रतिमा और अफसर कौन से भरपूर के पास सामान भरपूर है
तभी तो इतने अफसर खो दिये एक जन्म में
भरपूर की मन जिल चा()की है
इरादो की तकरी झाकी है
मुठी भर ज़मीन ला की है
तोलना सामान क्या बाकी है