राहु ने सोमरस तो निगल लिया
लेकिन गले से निचे नहीं उतरा
न ही उतरेगा किसी भी युग में
धढ़ क्या करेगा शरीरो के बगैर
तो बोलो आधे की ख़ाली खैर
राहु ने सोमरस तो निगल लिया
लेकिन गले से निचे नहीं उतरा
न ही उतरेगा किसी भी युग में
धढ़ क्या करेगा शरीरो के बगैर
तो बोलो आधे की ख़ाली खैर