भरपूर किताब

तुमने तो अपनी तूतू में में की भरपूर कि-ताव की

भरपूर ला-चारी को आखो के सामने रखा


gut गोदी की आधे-राह गुजर कैसे मौत के हि-साव का

सामना कर रही है हर साँस के अंदर


अब एह-यह बचा है देखने के लिये

इधर उधर

अंदर बाहर

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Unknown's avatar

mandalalit

to be a within 0-one-0 is to breathe for gut alone total mother nature

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