सास के दामाद की पढ़ाई बहुत हो
गयी gut गोदी तो पहले से हे डूबी पड़ी है
(पिछले, आज और आगे को मिला के
कलयुगा 2 कलयुगा
भरपूर ने तो इक ही काम भरना है)
दामाद तो हमेशा ही क्यों की निराशा
की आशा को ही पूरा पांडेगा
सास के दामाद की पढ़ाई बहुत हो
गयी gut गोदी तो पहले से हे डूबी पड़ी है
(पिछले, आज और आगे को मिला के
कलयुगा 2 कलयुगा
भरपूर ने तो इक ही काम भरना है)
दामाद तो हमेशा ही क्यों की निराशा
की आशा को ही पूरा पांडेगा