तुम्हारी दुनिया की जुबां की
तूतू में में की मू-रखता
अंदर बाहर _a()ch को ज़ुबान की
तल की आग भर्ती है भरपूर के अदर
बस इधर उधर भरपूर भारी है
तुम्हारी दुनिया की जुबां की
तूतू में में की मू-रखता
अंदर बाहर _a()ch को ज़ुबान की
तल की आग भर्ती है भरपूर के अदर
बस इधर उधर भरपूर भारी है