gut गोदी ने तुम्हे अन्न दिया
अंदर-बाहर को तन-दुरुस्त रखने के लिए
और तुमने तूतू में में की मूर्खता का
भाव दिखाकर अपने ही अंदर के
आधा को भरपूर तन के
इधर-उधर डर से डराया
अब अन्न कैसे सुरक्षित करेगा
भरपूर तन की बीमारिया तो
भरपूर डर से गहरी डूबी है
gut गोदी ने तुम्हे अन्न दिया
अंदर-बाहर को तन-दुरुस्त रखने के लिए
और तुमने तूतू में में की मूर्खता का
भाव दिखाकर अपने ही अंदर के
आधा को भरपूर तन के
इधर-उधर डर से डराया
अब अन्न कैसे सुरक्षित करेगा
भरपूर तन की बीमारिया तो
भरपूर डर से गहरी डूबी है