सास के दामाद पे
अंदर की लाते
पड़ रही है की
सो रही हसी की
gut nature’ की ख़ाली
बातें सम्पूर्ण हो रही है
(एह आधा म क्यों बिंदी क्यों नहीं)
सास के दामाद पे
अंदर की लाते
पड़ रही है की
सो रही हसी की
gut nature’ की ख़ाली
बातें सम्पूर्ण हो रही है
(एह आधा म क्यों बिंदी क्यों नहीं)