सास का दामाद चाटे हुये
तलवो की भीख मंगवाता है
gut मईया से
रात-दिन के अंदर
इनका भगवन भी दयालु है
नहीं है तो बस आंखे
पत्थर के भगवन के पास और
gut मईया के पास
अंदर का ख़ाली बच्चा
मा का शाह भरपूर माशाआला
सास का दामाद चाटे हुये
तलवो की भीख मंगवाता है
gut मईया से
रात-दिन के अंदर
इनका भगवन भी दयालु है
नहीं है तो बस आंखे
पत्थर के भगवन के पास और
gut मईया के पास
अंदर का ख़ाली बच्चा
मा का शाह भरपूर माशाआला