बाहर का शरीर को अंदर खोने से
अंदर की साँस का प्यार कम होता है
कम नहीं गायब होता है
नहीं नहीं पैदा होने से पहले का ही मर्द-मुर्दा होता है
इसी लिए अंदर भी बीमारीयो का यार होता है
जो याद में रात को रोने देता है
बाहर का शरीर को अंदर खोने से
अंदर की साँस का प्यार कम होता है
कम नहीं गायब होता है
नहीं नहीं पैदा होने से पहले का ही मर्द-मुर्दा होता है
इसी लिए अंदर भी बीमारीयो का यार होता है
जो याद में रात को रोने देता है