gut मईया की कोख के पवित्र
दिन रात के अँधेरे को अपवित्र
करते है वासना भरी सास के साथ
वासना से भरा मेहमान भगवन का रूप होता है
सुन लो लत
कितना झूठ लिखते है
भगवन का नाम लेने से दुख दूर होटल होते है
gut गोदी के घरो के अंदर वासना का होटल तो आज भी खुला है
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ਜਾਕੋ ਰਾਖੇ ਸਾਈਆਂ ਮਾਰ ਸਕੇ ਨਾ ਕੋਈ
ਕੀਦੀ ਰੱਖ ਨੂੰ ਕੋਈ ਮਾਰ ਨਹੀਂ ਸਕਦਾ
