इस घर की नींद के अंदर
इधर उधर क्या हो रहा है
जखम फुट गया
a ()able ()ressing
चाय दिन बूंदीया लुटती है
यह गोदी के किरायेदारों से क्यों ()अंगे लेते है
साँस को तो छु भी नहीं पकड़ सकती
इस घर की नींद के अंदर
इधर उधर क्या हो रहा है
जखम फुट गया
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चाय दिन बूंदीया लुटती है
यह गोदी के किरायेदारों से क्यों ()अंगे लेते है
साँस को तो छु भी नहीं पकड़ सकती