यह असुरों को पता नहीं क्या फे-हमी है
वासना का व-lum कम नहीं होना चाहिए दिन-रात
गोदी में समाने वाली बूंदियो को चाहे धड़ गिराने पड़े
शांति क्या आधे की आई है
जो आधे साथ डाभा लेके आएगी
यह असुरों को पता नहीं क्या फे-हमी है
वासना का व-lum कम नहीं होना चाहिए दिन-रात
गोदी में समाने वाली बूंदियो को चाहे धड़ गिराने पड़े
शांति क्या आधे की आई है
जो आधे साथ डाभा लेके आएगी