पूरा 0

0 का भार है y-0-s in()id u अदर की एक दुनिया के ऊपर के कधे बहुत ताकतवर है न


उठा ही लेगे


सब को मिलाकर कर एक ही हुये न


लेकिन सभी की 0 तो अलग अलग है न

कौन सुलझायेगा अदर

दि-खावे के परि-नाम

सास को भरपूर दामाद के नंगेपन के दिखावे की हदो की सीमा का एहसास नहीं होता

(सीमा का बल-मत तो इधर उधर का सारा परिणाम हुया न)


जब परिणाम अच्छा है तो कहती है


i am blessed with on wor_d in()id


और जब परिणाम बुरा है तो दिखाती है


मेरे घर को खाली नज़र लग गयी
भरपूर कमजोर ही गयी है

भरपूर आशा और भरपूर निराशा
तूतू में में दुनिया की भरपूर एक भाषा

अप-वित्र भूला

अपवित्र असुरो को किसी के ऊपर तक पहुँचने में कितना कष्ट होता है

लेकिन कष्ट निचे के अपवित्र को नहीं भूलता और ऊपर का रास्ता भरपूर स्थूलता

a _ail()red y-0-s in()id u are s_itching a weillage’ lining for

co_t of bodi to re_ain e*tra thick _ining

a _ife

see_ing _eaning of _ife

with_ut _nowing _hat’s happening in()id _ome

airing adha one f_ag of भरपूर red _tation


b_inging in(out)id भरपूर _ation

___________

गोदी के सीधे नियम सास के दामाद को टेड़े लगते है

भरपूर ऊपर निचे के अदर पड़े सजते है

अदर बाहर टालो की तकरार तरते है

न डुबो तो बीमा(या)रियो की लाठी के मरद भरपूर अदर रस्ते है

on pro_ice

तूतू में में की दुनिया के एक सत्य वचन के लिए में

सृष्टि गोदी के तत्व का त्याग अंदर ही कर दूंगा


यह अकेला ही खड़ा हो के ज्ञान प्रपात कर रहा है


कहा का