खा(ज-स)जाना

चुरा लिया खाज-सजाना


अब भायो भरपूर नज़रो का नाज़-नाना


अंदर के काम से आँखे चुराना


दागियो का अंदर भरपूर घराना


इकठे जिन-जिन भरपूर निभाना


अनजान न जाने भरपूर काज निशाना

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भरपूर घर के अंदर ख़ाली काम की आंखे चुराते है

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और कहते है


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