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Category: gut-veda
गोदी बंधे
आधे की मईआ की गोदी के ख़ाली घर मे आधे
खाली म()की
खाली मटकी तो ख़ाली पानी के
पार से ही पूट पई
इधर उधर ख़ाली बह गया
गोदी दिन ख़ाली देह दिए
शाम श()माये धार धाली धमाए
आली आली आया
एह ऐसा आधा
अंदर-बाहर ख़ारा ख़ाली खाआ
आधे अदाआ आद-()नाद आत्माआ
सदिओ सदा स्माधि सुला सिधाया
खास
ख़ाली सांसो की-म()-की का एहसास
कैसे आए अंदर ख़ाली रास
माली मटकी महा()पवास
अभी-आ
हम आभारी
अभी-आरी, आभा-आरी, आओ-भारी
अहि गोदी के गहरे ग()म ग()म गच्छामि
सा साकि
आधे शब्दों को ख़ाली सफे से सिखता सा साकि
सफ़ेद सफा सिखाए सो साफ़ सुलाए
गोदी सुंदर सुहाए
आधे आरा
आधे अपने अंदर आरा
हर युग में आधे
धूनी धन धाँसू धराहा धारा
पाली पूर्ण पूर्णिमा
मोक्ष मिले माली मल मनदर
साँसे सिले सालो स्याल सुन्दर
आखे अत एकना
वैराग्य को अंदर की ख़ाली आँखों से आमने देखना
आख से सामने वैराग्य न रोकना
ख़ाली खुट खे खाल खोदना

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