ईंटे तो घर के अंदर बैठे ही
मारते हो तो फिर बाहर किसका
मूह नगा करते है
ईंटे भरपूर दूल्हे के हन होती है
जो घुघट उठाने की
भरपूर सौगात मिलेगी
पर बाहर भी तो
ईंटे तो घर के अंदर बैठे ही
मारते हो तो फिर बाहर किसका
मूह नगा करते है
ईंटे भरपूर दूल्हे के हन होती है
जो घुघट उठाने की
भरपूर सौगात मिलेगी
पर बाहर भी तो
y full_ess _outh _aid
th@ _hich on is fu__ness
no _ae em()tee this-is
emp()ee no
in(out)id alon u
other(or y in()id)ies alon u
_ill n()ver p()eed wit()in
बाहर की इधर उधर की इस्तरी से
मु-खोटे सीधे नहीं होते तो
अंदर की इस्त्री
भरपूर इधर उधर है
भरपूरी भरे रहो
y दिन चराने को _y-veda
में दिनचर्या कहते है
nono
_ai-l-y ()u()in
i.e po()er y up/_o_n
wit() gut na()ure’ p_o_te_n
_oes y in()id u _ec()me ()or
or _ess co()n-it-iv ju_t b_e
@ta__ng _is or em()tee
to _ik _ook
_ae for y _oom is
u()ut in()id pre_ic()ed
y ()all
wit()in _ap of na()ur
in()all
y sho()er_ _ho_er_ on wor_d in()id u ba()ing nac()ed _lass _oor s_ed o_en run-ing _a()er
कितनी ख़ुशी से भरपूर तूतू में में के
कीड़े सास के दामाद में भर रहे है
(दामाद तो ख़ाली भरपूर होने से रहा)
ओ मूर्खो gut में डालो ताकि कुछ
तुम्हे भी फायदा हो
to()tal _eat is _oing to chi__
in(out)id _ac()er_a
no is th@ a _ood y on
or f_y-ing y _id on
जस सास पहले ही बीमारियों से
भरी पड़ी है तो जनम के बाद क्या
ख़ाली हो जायेगा
सास का दामाद सारे जन्मो में
एक ही भरपूर को भरता है
अंदर जो आज की ख़ाली
आस अगाये आ
&
असुरो की अकल तूतू में में की
मास चरने गयी है और मुँह
आज खोल के वास से गन्दा
कर रही है gut गोदी
i_no_ance of y is
i_n()ing u a-lon wit()in
un()not ()is to _ur()ace
i()nor y u 2
wit()in eie c
y u __no()ing
wit()in _ap of _ut na()ur
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