शय

भरपूर से बड़ा नहीं कोई शौ-चाल()य को भय


बीमा या रियो से बढ़कर नहीं कोई शय


सास के दामाद जैसा परीक्षक भरपूर शक का शरय

लुटा शक लोटाये भरपूर शय का भय

विश-वास

सास का विश(का)वास करता है भरपूर का पूरा नास


जरूरते कामयाब नसीब भरपूर नकाब

चेहरे भूले रास्ता अदर न मिले रुकाव

खिल खिल खेलता रहे भरपूर झुकाव

i-m-p(oora)

i-m-()art-ing g(ut)odi

सास को फे()हमी बहुत है


अदर की दामाद की-ती गलफियो की


ज़िन्दगी नहीं हारे अभी तक है बाकी दगी


जो भरपूर सर के आगे न रूकती ठगी


y _ame _if a()m

भरपूर माने

बैठा करके भी बान की जू को बिठा

नहीं सकते तो भरपूर के खड़े होने से

जुबान भी खड़ी रहेगी दुनिया के

भरपूर घराने अंदर के पुराने

जमाने दिखावे दिल-दार

यकीन भरपूर माने