जितने मरजी आधा जन्म या
उसके अदर ले समाज बदल लो
१ सास तो गाठो से भरपूर भरी पारी पड़ी
कम से कम बिंदी के एहसास का एह
तो जोड लो सास के साथ
जितने मरजी आधा जन्म या
उसके अदर ले समाज बदल लो
१ सास तो गाठो से भरपूर भरी पारी पड़ी
कम से कम बिंदी के एहसास का एह
तो जोड लो सास के साथ