ह(र)जार

काल्कि का अंदर ख़ाली अवतार


gut मे प्रलय की लय का उप-चार


पुराणों मे न दिखा लिखावट का ख़ाली नार


सांसे ख़ाली अंदर अनंत आर-पर


ख़ाली घर अखंड भीतर आधार


ख़ाली टेक धरो दिव्यां-ज्योति के ह(र)जार

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Unknown's avatar

mandalalit

to be a within 0-one-0 is to breathe for gut alone total mother nature

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