कोई ना कोई

आप को कोई हरा नही सकता


क्यो


तो असुर क्या भरपूर पीला परते है


याद रखे


आप बहुत ही विश-all के भरपूर श(वे)श के अदर पूरे भरपूर वि()शेष है


भरपूर कार्य अदर ही अ()धा न()रेश है


अपवित्रता क्या अग्नि की भरपूर जलन को कम करती है

तो फिर किसे पवित्र भरपूर भड़काती है


काला चश्मा उतारते ही भरपूर बहुत साफ़ लिख रहा है ना

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Unknown's avatar

mandalalit

to be a within 0-one-0 is to breathe for gut alone total mother nature

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