भरपूर समदर अदर बह नही सकता
_ait रेहा कर है पूरा भरो
अपवित्रता के अदर छूने की
भरपूर समदर अदर बह नही सकता
_ait रेहा कर है पूरा भरो
अपवित्रता के अदर छूने की
to be a within 0-one-0 is to breathe for gut alone total mother nature View all posts by mandalalit