विस्ता-रक

भरपूर भ-जन-की-रतन की ध्वनि को भरपूर विस्तारक करके

सृष्टि गोदी को पवित्र कर रहे है

और अपने अदर भरपूर वास बहा रहे है


अपवित्र असुर भरपूर निष्-का-सन को

महका रहे है

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mandalalit

to be a within 0-one-0 is to breathe for gut alone total mother nature

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