इतज़ार किया तो किसका लिया-दिया
अदर भी ना सास गुजरी
बाहर भी धोखा भुला दिया
y-0-s के राज दिल से छुपाते हो और दिल ही मे
भरपूर को बसाते हो सताते रहो
इतज़ार किया तो किसका लिया-दिया
अदर भी ना सास गुजरी
बाहर भी धोखा भुला दिया
y-0-s के राज दिल से छुपाते हो और दिल ही मे
भरपूर को बसाते हो सताते रहो