जब सास भरी-भारी हो जाती है तो सो जाती है
ताकि उसे y-0-s in()id u का आना जाना भरपूर सपनो की तरह
हल्का लगे बद आखो के अदर का उछाल बाहर छलका-छलका छले
दिन हो रात हो कब-कहा यह-सास हो
y-0-s in()id u की आज़ादी भरपूर आ(ज़ा-या)द हो
जब सास भरी-भारी हो जाती है तो सो जाती है
ताकि उसे y-0-s in()id u का आना जाना भरपूर सपनो की तरह
हल्का लगे बद आखो के अदर का उछाल बाहर छलका-छलका छले
दिन हो रात हो कब-कहा यह-सास हो
y-0-s in()id u की आज़ादी भरपूर आ(ज़ा-या)द हो