फिरा-कि-तरह

ज़ुबान ही घूमती रहती है


इधर-उधर भरपूर -वार की तरह


शरीर तो सस्ते सास मे सोता है -यार की तरह


फिर कहते है घर को बाहर की सैर कराके भरपूर

जगाये है अदर इकरार फिरा

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Unknown's avatar

mandalalit

to be a within 0-one-0 is to breathe for gut alone total mother nature

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