अपवित्र असुर भरपूर बहादुर है
सृष्टि गोदी के नादिर
घर के अदर ही उगलिया चाहते है चुगलिया उठाते है
भरपूर मुकालातो मे ही बाते पते है
क()मो का di_cuss th_ow करोगे तो कितनी दूर तक जायेगा
अदर ही उछाल रहेगा तूतू मे मे का
बला बल गयी
नही नही आधा जन्म को in_टाल गयी
