अपवित्र असुर अपना ही नही मानते सृष्टि गोदी को
तो पूरा घर तो तूतू में में की पूरी खैर एक हो के खायेगा
यैसे ही तो भरपूर घर का खाते पीते है
लेकिन घर अदर खाली रहता है
अपवित्र असुर अपना ही नही मानते सृष्टि गोदी को
तो पूरा घर तो तूतू में में की पूरी खैर एक हो के खायेगा
यैसे ही तो भरपूर घर का खाते पीते है
लेकिन घर अदर खाली रहता है