आग चुबती है क्यों

भरपूर को सास के दामाद के घर का

दिखावा भरपूर भाता है अंदर बाहर

इसी लिए खावा भी उछालता है

ऊंचाईयो की क्यों को ख़ाली ज़मीन पर

बड़ी तीखी आग चुबती है क्यों

तुम्हारा ध्यान तो क्यों पर ही अटका है

इसके सिवाये पूरा भटका है

इधर क्यों

उधर क्यों

अंदर क्यों

बाहर क्यों

सास क्यों

दामाद क्यों

क्युकी दामाद तो है यूकि

अदर का दामाद है क्युकी

ख़ाली ध्यान तो अंदर ख़ाली झटका है

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mandalalit

to be a within 0-one-0 is to breathe for gut alone total mother nature

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