सम्पूर्ण स्माधि
जय खालीआधे आम
धन्य देवी धन्य देवी धन्य देवी
धन्य सृष्टि धन्य गोदी धन्य बुँदियाँ
आधे अंदर-बाहर
पूर्ण प्रणाम
भरपूर vs ख़ाली
यह भरपूर तो लगता है बडा बडा बाया
ख़ाली कार्य को भी मात मेगा
ctrl+ is sel_-lo_se in
_his hous
अभी तो गोदी मईया ने आधे आज
अहा भेजा
आराम बैठो
अब घर के अदर आराम से तूतू मै मै बिठायो
और घर के बाहर सब कुछ पूरा भूल भुलायो
mae be sw__ch off in()id ever_thing
s_und_s _ood i_ea
al-rit t_en
आधे के पास नही है सब्र का
भरपूर इम्ति(मेहमा)हान
lo-va 5
oh eie lessness
ctrl+f5 0 wo_king
lo(va)cation in()id ra_ar
चमत्कार
देवी के गोदी का
आधे चमत्कार आज नही दिखाया
फिर तो भरपूर अतरमन जाया
भरपूर हैसियत हसा हसाया
b से बडा बरपूर प्यार
शाति बायी को है बेसबरी बी से इतजार
कब आधे घर से बाहर निकले
सुने फटे फाल फटकार
ओ भगवन अब क्या यहा पर
भी आधा दिक-टेटर त्यार
चली आधे ख़ाली कब्र आर पार
आधे साँसो की हो रही नीलामी
नरकासुर के अदर नही है कोयी उलामी
खूले-आम होगी अब तो बदनामी
अपनी कोख के अदर बाहर सब करते
li_e & dis_ike
6 कानो को सीखा रहा है कब से
लेकिन कभी जुबान ने होने नही दिया पार पडपे
u _ar o_d he_l_ in()id (he)e_en
_um1 is _acking ne_wo_k
सीधा या उल्टा
अच्छा तो आप भरपूर बाते भर भक्ते भय
लेकिन अदर न कहने ले लदी लकीर
ख़ाली को सीधे सुला मिरि मे फ़कीर
आधे में है आधा मै नही
आधे अंदर गोदी के अँधेरे की ख़ाली ज्योति
आधा घर भरपूर रौ-शनी साढे साया सती
सिलसिला
देवी की गुफा में दी(तुम)वारे नहीं होती
कोख ख़ाली खो देती
इसमे देवी की मर्जी के बगैर
कोई अंदर नहीं आ सकता
आप को किसका शरीर मिला
औरत का या मरद का
अदर क्या किला

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