कहते है आधा की अंदर की मौत लाये बगैर
आधा को ख़ाली डंडे का यह-सास नहीं होता
तो gut गोदी के कच्चे घरो के दिन-रात को
ख़ाली जन्म सेखने को सिलता है
हर पहर
कहते है आधा की अंदर की मौत लाये बगैर
आधा को ख़ाली डंडे का यह-सास नहीं होता
तो gut गोदी के कच्चे घरो के दिन-रात को
ख़ाली जन्म सेखने को सिलता है
हर पहर
_it()er s_art-er
or dumb-er
_ood _ach
gut godi emptee
s_um()er
an emptee _ime un()not
rh_me wiw o aump()tea
_rime unnot div-is_ble
in()id u _ime
असुरो की बीमा(या)रियो का
तो हुया सत्युग
तो सारा बीमाहीन युक्त है न
ਵਾਸ ਦੀ ਪਯਾਸ
ਭਰਪੂਰ ਰਸੋਈ ਦੀ ਆਸ
ਵੰਡ ਕੇ ਛਕੋ ਇਕ ਬੜਾ ਉਦਾਸ
ਘਰ ਵਿਚ ਵਹੋ ਪੂਰੀ ਅਰਦਾਸ
y in()id u have p_en()y of
mon()y to _how in()id full_ess
of gut surface()all
a()lon
can enou() alon u bie
an emptee gut for mother
nature’ emptee godi to fill
to()tale_ve _aiting for adha
chill to re()urn to()tal
emptee mill
for full_ess y is not en()it-led
for _ealing in()id u
s()ealing y
gut godi’ बुंदिया has
to()tal 0 fir_t & la_t pa()age
of brea()ing rite
no will file 0 awe_uit
for y to de_y inn8 in10tion
of alon u in(out)id tri 2
bec()me full_ess _ry
तुम्हारे आ()प का राज है जो ख़ाली
tot में उचा बोलो
और जब पूरे पाप अंदर आ जाये तो
१० को खिसका के १०० का
भरपूर भर भय भो
gut गोदी जब भी दिखावे
भरपूर क्यों
भरपूर को सास के दामाद के घर का
दिखावा भरपूर भाता है अंदर बाहर
इसी लिए खावा भी उछालता है
ऊंचाईयो की क्यों को ख़ाली ज़मीन पर
बड़ी तीखी आग चुबती है क्यों
तुम्हारा ध्यान तो क्यों पर ही अटका है
इसके सिवाये पूरा भटका है
इधर क्यों
उधर क्यों
अंदर क्यों
बाहर क्यों
सास क्यों
दामाद क्यों
क्युकी दामाद तो है यूकि
अदर का दामाद है क्युकी
ख़ाली ध्यान तो अंदर ख़ाली झटका है
भरपूर grow घर रेहा
gut गोदी सूखे को सोख से सो रहा
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