o_en inनर _ir-c_l _ent
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now en+er co-ment all _ent
ra_vesh ra_vesh
en_er zee ma l desh
ho_nail _ert vesh
mes men germ sesh
छूटा तरतालित तीन अदर सत्तर सेक् एर
मोह अली बना बुरा बैक एर
रह गया पीछे तारो का मे एर
अब न कोई जाये बाहर बे हर
0 t_i
यहा पर पहरा बहुत कोडा है
बाहर निकलना तो आसान है
लेकिन अंदर आना बहुत मुश्किल है
बिना बताये थोडी आ सकते अदर
अदर वाला न सुने अख(बे)बार
आप न त्यार होना चमत्कार
पहले पहल पायो पराया पल
dual rit
privy brite
wry nit
let’ lit
तितने तीन
दग-गियो के जिन जिन बदले इम्तिहान गिन गिन
जितने जगाये उतने आधा तिल मिल जन्म तिन तिन
दुया दाते
गोदी की मईया की गोदी को खता के खाते
दिखाई देते डोज डरपूर डाह डाते
s_im_l@
out _ast 1 adv_n-tag 0 in()id _urn ti2l_@ man-ag
_est un_ing sur_eal
गोदी के ख़ाली दिन रात की ख़ाली सच्चाई को अनजान के भरपूर जान
अन्न को भरपूर ज़ुबानो के नाम जनाते जा
y-0-s in()id u की बनायी हुयी तूतू मे मे की दुनिया का एक सत्य साड़ते सा
इसी लिए सास का दामाद भी बड़ा बे-हता बा
so_ _eal out()id rea_it-y th@ y-0-s in()id u hi_den men_al-it-y
p_ease p_oceed to ne*t un_va_lable c_oun_er
y-0-s in()id u re_eed ever-y1′ un_ble enco-un_er
ओ सास
कहा है बिंदी का ख़ाली रास
इधर उधर
अंदर बाहर
भीतर एहसास
_eed-i
get a-lon u re()d-i as to()tal no()thing
_eed-i is a_p()oaching _ast () _eed-i
अच्छा/बुरा
a to()al gut brahmand
dark_ess un()not ma()ch
g(ut)odi’ भरपूर _tar_ness
ख़ाली आँखों को अच्छा/बुरा
लगेगा भरपूर घूरना

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