देवी के गोदी का
आधे चमत्कार आज नही दिखाया
फिर तो भरपूर अतरमन जाया
भरपूर हैसियत हसा हसाया
देवी के गोदी का
आधे चमत्कार आज नही दिखाया
फिर तो भरपूर अतरमन जाया
भरपूर हैसियत हसा हसाया
शाति बायी को है बेसबरी बी से इतजार
कब आधे घर से बाहर निकले
सुने फटे फाल फटकार
ओ भगवन अब क्या यहा पर
भी आधा दिक-टेटर त्यार
चली आधे ख़ाली कब्र आर पार
आधे साँसो की हो रही नीलामी
नरकासुर के अदर नही है कोयी उलामी
खूले-आम होगी अब तो बदनामी
अपनी कोख के अदर बाहर सब करते
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6 कानो को सीखा रहा है कब से
लेकिन कभी जुबान ने होने नही दिया पार पडपे
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आधे अंदर गोदी के अँधेरे की ख़ाली ज्योति
आधा घर भरपूर रौ-शनी साढे साया सती
देवी की गुफा में दी(तुम)वारे नहीं होती
कोख ख़ाली खो देती
इसमे देवी की मर्जी के बगैर
कोई अंदर नहीं आ सकता
आप को किसका शरीर मिला
औरत का या मरद का
अदर क्या किला
हमारी साँसो के काल के कम से
आप किसकी मरहम पे पट्टी पडे
मेरे घर मे bi-n हम लगाते
तेरे ताड ते फेक फाते
समाज साडा सुदर सताते
फिर b-in क्यो छुपाते
गोदी की मिट्टी की ख़ाली धूल से कितनी की-मारिया कैलती
और समाज की तूतू मै मै घर अदर कमरो के b-स्तर ताज तैरती
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समाज की मजबूरी की दूरी
घर के अदर नही जरूरी
देसी घी की शुद्धता की गहराई गति
ख़ाली उँगलियाँ ख़ाली मति
शनि का है प्रकोप पोश
मंगल में गोदी ख़ाली ख़ोश
किसका भरे भरपूर बेहोश
दग्गियो दे दिलाया दोश
तुम साथ मे ख-डे होना तो क्या
दूर से भी आखे उठायोगे
तो गोदी की ज़मीन जेगी
शुन्य vo_t के झटके झट(से-गई)गी
म्यू महसूस महि मुया मटकी
पेरो की पडपूर पमीन पिसक पयी
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आधे ख़ाली परिवार
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अडओर आधा परिवार
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ख़ाली-मरपूर महा-भारत
आनंद अंदर आत्मा आँचारित
पर(माँ)नन्द पा()चरित्र
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